मोहम्मदी के राकेश मिश्र को मिला 'साहित्य साधक अर्श सारस्वत सम्मान'

 



लखीमपुर खीरी। साहित्य साधक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था तथा अखिल भारतीय साहित्य परिषद, लखीमपुर-खीरी नगर के संयुक्त तत्वावधान में जुलाई माह की मासिक काव्य गोष्ठी एवं 'संघ साहित्य पर परिचर्चा' का आयोजन 5 जुलाई को संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मोहम्मदी निवासी वरिष्ठ छंदकार राकेश मिश्र को जुलाई माह का 'साहित्य साधक अर्श सारस्वत सम्मान' प्रदान किया गया।


कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि संजीव व्योम एवं संस्था की अध्यक्ष डॉ. स्वाति पांडेय ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित एवं पूजन कर किया। इस अवसर पर विशेष शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।


परिचर्चा के दौरान डॉ. स्वाति पांडेय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के 'एकात्म मानववाद' विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति और मूल्यों पर आधारित समग्र जीवन दर्शन है, जो धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के संतुलन पर बल देता है। डी.के. स्वतंत्र ने 'राष्ट्रधर्म' विषय पर अपने विचार व्यक्त किए, जबकि जनार्दन पांडेय ने एकात्म मानववाद के माध्यम से व्यक्ति, समाज, प्रकृति और राष्ट्र के बीच संतुलन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।


इसके बाद आयोजित काव्य गोष्ठी का संचालन जनार्दन पांडेय 'नाचीज़' ने किया। गोष्ठी में डॉ. गौरव मिश्रा, नितिन पांडेय, डी.के. स्वतंत्र, विशेष शर्मा, कवि बेचैन, जनार्दन पांडेय 'नाचीज़', डॉ. स्वाति पांडेय 'प्रीत', कमलेश धुरंधर, संजीव व्योम तथा सम्मानित अतिथि राकेश मिश्र सहित कई साहित्यकारों ने गीत, ग़ज़ल, मुक्तक, सवैया और हास्य-व्यंग्य रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं की सराहना प्राप्त की।


कार्यक्रम में अक्षरा पांडेय, ज्ञान पांडेय, डॉ. रघुनंदन झा, विष्णु सक्सेना, मुकता प्रसाद शर्मा सहित अनेक साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। अंत में आभार ज्ञापन के साथ गोष्ठी का समापन किया गया।

Post a Comment

Previous Post Next Post